अंतरराष्ट्रीय मिर्गी रोग दिवस : मिर्गी रोग के लक्षण, कारण, इलाज
मिर्गी रोग विश्व भर में काफी लोगों को प्रभावित करता है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस बीमारी के बारे में जानकारी का अभाव और जागरूकता की कमी से समाज में कई तरह की भ्रांतियां फैली हुई हैं। मिर्गी रोग होने के कई कारण होते हैं, लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि मिर्गी रोग का इलाज संभव है। मिर्गी के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर वर्ष फरवरी के दूसरे सोमवार को अंतरराष्ट्रीय मिर्गी दिवस मनाया जाता है।
मिर्गी नर्वस सिस्टम से संबंधित रोग है, जिसमें व्यक्ति के मस्तिष्क में असामान्य रूप से अत्याधिक आवेश का संचार होने लगता है। जिसके कारण व्यक्ति को झटके लगने लगते हैं। यह बीमारी किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकती है तथा इस रोग से पीड़ित हर उम्र के व्यक्ति की परेशानियां अलग-अलग हो सकती हैं। डब्ल्यूएचओ के अनुसार विश्वभर में लगभग 50 लाख लोग मिरगी के रोग से पीड़ित हैं, जिसमें से अस्सी प्रतिशत लोग विकासशील देशों में रहते हैं।
मिर्गी के मरीजों को डरने की जरूरत नहीं है, और बीमारियों की तरह, इसका इलाज भी संभव है। सिर्फ सही मात्रा में सही समय पर इलाज और दवाई लेते रहे हैं।
मिर्गी रोग के कारण लक्षण और उपचार के बारे में जानकारी के लिए एम्स में न्यूरोलॉजी प्रोफेसर डॉ. मंजरी त्रिपाठी से बातचीत की। डॉ. मंजरी ने बताया कि अलग-अलग उम्र में मिर्गी के आने के अलग कारण होते हैं।
मिर्गी के लक्षण
• अचानक लड़खड़ाना/फड़कन (हाथ-पांव में अनियंत्रित झटके आना), बेहोशी आना।
• हाथ या पैर में सनसनी (पिन या सुई चुभने का अहसास होना) महसूस होना।
• हाथ व पैरों या चेहरे की मांसपेशियों में जकड़न।
मिर्गी के कारण
• बचपन में ब्रेन में संक्रमण हो जाए या पैदा होने के समय कोई समस्या हो या महिली की डिलवरी में समस्या हो तो भी मिर्गी हो सकती है।
• मस्तिष्क में कीड़ा ( न्यूरो सिस्टीसर्कोंसिस) या तपेदिक रोग ( टीबी )
• ब्रेन स्ट्रोक ( लकवा)
• ब्रेन ट्यूमर ( मस्तिष्क में रसोली)
• सिर में चोट
• मस्तिष्क की क्षति जैसे प्रसव और प्रसवकालीन चोट
• जन्मजात असामान्यता
• बचपन के दौरा लंबे समय तक तेज बुखार से पीड़ित होना
• अनुवांशिक
मिर्गी रोग में सावधानी
• दवाएं निश्चित समय पर लें
• बिना डॉक्टर के सलाह पर दवाएं बंद या कम न करें
• यदि मिर्गी के दौरे नियंत्रित न हुए तो वाहन न चलाएं
• आग, पानी के अंदर जाना, पैराग्लाइडिंग आदि न करें
• भीड़ वाली जगह पर न जाएं
• तैरने के लिए न जाएं
• घर के सदस्यों को बताएं की बाहर कहां जा रहे हैं
डॉ मंजरी कहती हैं जरूर है कि ऐसे मरीजों की सहायता करें। ऐसे लोगों की सिर्फ मिर्गी का इलाज होता है और बाकी अपनी जिंदगी सामान्य तौर पर जी सकते हैं।

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