सर्दियों में मधुमेह रोगी इन बातों का रखें खास खयाल, बरतें ये सावधानियां
सर्दियों के मौसम में सभी लोगों को स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है। सर्द हवा और ठंठा मौसम खासतौर पर मधुमेह रोगियों की मुश्किलें बढ़ा सकता है।
सर्दियों में मधुमेह रोगियों की समस्या
मधुमेह रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अशोक झिंगन बताते हैं कि मधुमेह रोगियों के अंदर सर्दियों के दौरान बहुत सी समस्याएं देखने को मिलती है। दरअसल, मधुमेह रोगियों में न्यूरोपैथी की वजह से और खून की सप्लाई करने वाली आरट्रीज के कारण पैरों में सुन्नपन, दर्द और साथ-साथ खून का दौरा कम होने की शिकायत बढ़ जाती है। ऐसे में मधुमेह रोगियों के पैर अचानक ठंडे पड़ जाते हैं। ठंड से बचने के लिए वे कई बार अत्यधिक गर्म पानी से सिकाई या आग के पास अपने पैर ले जाकर सिकाई करने की कोशिश करते हैं जिसके कारण उनकी त्वचा जलने का खतरा बना रहता है।
इसके साथ-साथ मधुमेह रोगियों को न्यूरोपैथी की वजह से जो पसीना आना चाहिए वह उन्हें नहीं आ पाता। इसके चलते मॉइश्चर बिल्कुल खत्म हो जाता है और त्वचा बिलकुल रूखी पड़ जाती है और त्वचा में दरारें आ जाती है। कई बार स्किन पील ऑफ होने लगती है। आगे चलकर यही समस्या अलसर को जन्म देती है और इंफेक्शन हो जाने से पैर कटने तक की नौबत आ जाती है।
मधुमेह के मरीजों के अंदर फ्लू और कोल्ड काफी देखने को मिलता है। इसके साथ-साथ सर्दियों में मधुमेह रोगियों का ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है क्योंकि वे व्यायाम नहीं कर पाते, जबकि वे डाइट प्रोपर लेते हैं। सर्दियों में खासतौर पर कंफर्टेबल फूड ज्यादा होता है और पार्टियां भी खूब होती हैं तो ऐसे में मधुमेह रोगी अपने आपको कंट्रोल भी नहीं कर पाते।
बरतें ये सावधानियां
डॉक्टर बताते हैं कि मधुमेह रोगी सर्दियों में पैरों को अच्छे तरीके से माइस्चराइज़ करके रखें। उन पर लोशन लगाएं और ठंड से बचने के लिए प्रोपर जुराबें और जूते पहनें। पर्याप्त ऊनी कपड़े पहनें। सीधा हीटर पर या गरम पानी की बोतल से सिकाई न करें क्योंकि उससे जलने की संभावना होती है। इसके साथ-साथ अत्यधिक सर्द मौसम में एक्सरसाइज के लिए बाहर न निकलें। ऐसे मौसम में घर पर रहते हुए वर्कआउट करें।
खाने में क्या खाएं
मधुमेह रोगी खाने के अंदर अपनी प्रोपर डाइट जरूर लें। बहुत ज्यादा ऑयली और बहुत ज्यादा फ्राइज चीजें न खाएं। इसके साथ-साथ हाइड्रेशन का भी खयाल रखें क्योंकि यदि आप पानी अच्छी मात्रा में पीते रहेंगे तो यह आपके बॉडी सर्कुलेशन को ठीक रखेगा। इसके साथ-साथ अपने शूगर को जांच करते रहें और ग्लूको मीटर और इंसुलींस की अच्छी तरह से देखभाल करें क्योंकि यदि इन्हें एक्सट्रीम टेम्प्रेचर में रख देंगे तो उनकी रीडिंग्स ठीक नहीं आएंगी। इसके अलावा मधुमेह रोगियों को कोल्ड और फ्लू से बचने के लिए वैक्सीनेशन जरूर कराना चाहिए। मधुमेह रोगी अपनी दवाएं समय पर लें, समय-समय पर अपनी जांच करवाते रहें और अपनी सेहत को लेकर सतर्क रहें।

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