वैक्सीनेशन के लिए कोविन ऐप पर नहीं शुरू हुआ अभी रजिस्ट्रेशन

 भ्रामक खबरों में न फंसे, वैक्सीनेशन के लिए कोविन ऐप पर नहीं शुरू हुआ अभी रजिस्ट्रेशन


जहां एक ओर कोरोना वायरस को हराने के लिए देश में वैक्सीन देने की तैयारी है, वहीं सोशल मीडिया पर वैक्सीन से जुड़ी कई तरह की अफवाहें और भ्रामक खबरें फैलाई जा रही हैं। कोई इसके रिएक्शन की बात कर रहा है तो कोई तो परिणाम को लेकर सवाल उठा रहा है। वैक्सीन से जुड़े कुछ ऐसे ही अफवाहों को दूर करके सफदरजंग अस्पताल, नई दिल्ली की डॉ गीता कमपानी ने कई महत्वपूर्ण सवालों के के जवाब दिए।

अब तक के ड्राई रन के परिणाम कैसे रहे?

पूरे देश में आठ जनवरी से दूसरा ड्राई रन हो रहा है। अब तक के परिणाम संतोषजनक रहे हैं। ट्रांसपोर्टेशन में कोई समस्या नहीं पायी गई है। वैक्सीन के लिए जरूरी तापमान को मेंटेन रखने में हम सफल हुए हैं।

सोशल मीडिया पर टीकाकरण को लेकर भ्रामक बातें फैलाई जा रही हैं, इनसे कैसे बचें?

सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरों के अलावा कोविन के नाम से अलग-अलग फर्जी ऐप भी बनाये गए हैं। उनके चक्कर में मत पड़ें। भारत सरकार के कोविन ऐप पर अभी रजिस्ट्रेशन शुरू नहीं हुआ है। उम्मीद है कि 10 दिन में रजिस्ट्रेशन व टीकाकरण शुरू हो जाएगा। इसकी जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा आधिकारिक तौर पर दी जाएगी।

टीकाकरण की प्रक्रिया क्या होगी?

पहला चरण है कोविन ऐप पर रजिस्ट्रेशन करवाना। इसके बाद फोटो पहचान पत्र और आधार कार्ड से वेरिफिकेशन किया जाएगा। फिर वैक्सीन का इंजेक्शन दिया जाएगा और 30 मिनट तक व्यक्ति को ऑब्जर्वेशन में रखा जाएगा। यह देखने के लिए कि कहीं कोई त्वरित प्रभाव तो नहीं दिख रहे हैं। इसी प्रकार दूसरी डोज़ के लिए चार हफ्ते बाद बुलाया जाएगा।

क्या वैक्सीन लगवाने के बाद कोई रिएक्शन हो सकता है?

वर्तमान में बच्चों को जो वैक्सीन लगायी जाती है, उसमें भी हल्का बुखार, रैशेज़ या एलर्जी जैसे रिएक्शन होते हैं। ये बहुत कम समय के लिए होते हैं। कोविड-19 की वैक्सीन में भी अगर रिएक्शन हुआ तो उसका असर बहुत कम होगा। जैसे जिस जगह पर इंजेक्शन दिया जाएगा, वहां लाल पड़ जाये, या त्वचा सख्त पड़ जाये, खुजली हो, या हो सकता है 24 घंटे के लिए हल्का बुखार, शरीर में दर्द, सर्दी, खांसी आये, उसके लिए आप पैरासिटामॉल ले सकते हैं।

क्या वैक्सीन लगवाने वाले हर व्यक्ति को रिएक्शन होगा?

नहीं, ऐसा नहीं है। दरअसल हर वैक्सीन में एक प्रोटीन कम्पोनेंट होता है, जो उसके सहायक के रूप में काम करता है, ताकि वैक्सीन का प्रभाव लंबे समय तक बना रहे। ऐसे लोग जिनको कुछ विशेष प्रकार के प्रोटीन से एलर्जी है, उनको वैक्सीन देने पर रिएक्शन ज्यादा हो सकता है। ऐसे लोग जिन्हें प्रोटीन कम्पोनेंट से बहुत अधिक एलर्जी है, वो ये वैक्सीन नहीं लगवायें तो बेहतर होगा। क्योंकि उन लोगों को एनाफिलेक्सिस हो सकता है। हालांकि इसके होने की बहुत कम संभावना है।

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