वैक्सीन और उसके साइड इफेक्ट से जुड़े सवालों का स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने दिया जवाब
देश ने वैश्विक महामारी के खिलाफ सामूहिक और साहसिक लड़ाई में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर की है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश में अब तक लगभग 10.5 लाख (10,43,534) लाभार्थियों को देशव्यापी कोविड-19 टीकाकरण अभियान के तहत टीके लग गए हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान 4049 सत्रों में 2,37,050 लोगों को टीके लगाए गए हैं। अभी तक 18,167 सत्रों का आयोजन हो गया है। हालांकि वैक्सीन को लेकर अभी भी कई तरह के भ्रम चल रहे हैं और लोगों के मन में भी वैक्सीन को लेकर आशंका घर कर रही है। ऐसे में लोगों को वैक्सीन और उससे जुड़े भ्रम को दूर करने के लिए प्रसार भारती ने लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के डॉ. राजेंद्र के धमीजा से विशेष बातचीत की। जहां उन्होंने कई सवालों के जवाब दिए।
भारत में चल रहे कोविड-19 टीकाकरण पर आप क्या कहेंगे?
यह दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान है। अब तक 10 लाख से ज्यादा लोगों को कोविड-19 वैक्सीन लग चुकी है। सबसे अच्छी बात यह है कि दिन प्रतिदिन वैक्सीन लगवाने के लिए आने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है। यह केवल शॉट इन दि आर्म नहीं है, यह शॉट इन दि आम टू स्टॉप मार्च ऑफ वायरस (Shot in the arm to stop virus) है। महामारी को समाप्त करने के लिए यह बहुत बड़ा ऐतिहासिक कदम है।
जो लोग वैक्सीन को लेकर संशय में हैं, उनसे क्या कहेंगे?
सोशल मीडिया पर जिस तरह का भ्रामक प्रचार किया जा रहा है, उसके चक्कर में बिल्कुल भी मत पड़ें। वैक्सीन पूरी तरह सेफ हैं, दोनों वैक्सीन बहुत कठिन चरणों से गुजरने के बाद ही अप्रूव हुई हैं। वैक्सीन के अप्रूवल की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है। अगर लोग बहकावे में आकर वैक्सीन नहीं लगाएंगे तो आगे महामारी को रोकना कठिन हो सकता है। अगर आप यह सोच रहे हैं कि इम्यूनिटी मजबूत है, संक्रमण होने पर कुछ नहीं होगा, तो ऐसा नहीं है कोरोना वायरस से संक्रमित होने पर कोई भी व्यक्ति गंभीर रूप से बीमार पड़ सकता है, जान भी जा सकती है, इसलिए वैक्सीन से दूर मत भागें।
कोविड-19 वैक्सीन के साइड इफेक्ट कैसे हैं?
अब तक 10.5 लाख लोगों को वैक्सीन लग चुकी है और उनमें मात्र 0.002 प्रतिशत लोगों में ही साइड इफेक्ट दिखे। वो ऐसे इफेक्ट हैं, जो आम तौर पर सभी वैक्सीन में होते हैं। यहां तक सभी दवाइयों के भी अपने साइड इफेक्ट होते हैं, तो इसका मतलब यह नहीं कि जरूरत पड़ने पर दवाई नहीं खाएंगे। इन 0.002% लोगों में इंजेक्शन लगने की जगह पर लाल पड़ने, अधिक दर्द, रैशेज, हल्के बुखार, आदि शिकायतें मिली हैं, जो आम तौर पर बच्चों को लगायी जाने वाली वैक्सीन में भी होता है।
लोग वैक्सीन को लगवाने से कतरा रहे हैं, उनसे क्या कहेंगे?
हमारे देश में ही नहीं, बल्कि कई देशों में ऐसा हमेशा से होता आया है। आप पोलियो वैक्सीन को ही ले लीजिए। शुरू-शुरू में कुछ लोग थे जिन्होंने वैक्सीन के प्रति झिझक दिखाई, लेकिन आगे चलकर जब वैक्सीन के फायदे दिखे तो लोग टीकाकरण में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेने लगे। उसी का परिणाम है कि आज पोलियो हमारे देश से जड़ से खत्म हो चुका है। इसी प्रकार अगर कोरोना को जड़ से उखाड़ कर फेंकना है, तो सभी को वैक्सीन के प्रति सकारात्मक सोच रखनी होगी और नंबर आने पर लगवानी होगी
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