सर्दी में फटे होठों की समस्या से निजात पाने के लिए रखें इन बातों का ध्यान

सर्दी में फटे होठों की समस्या से निजात पाने के लिए रखें इन बातों का ध्यान

एक तरफ जहां सर्दी का कहर जारी है, वहीं सर्द हवाएं और बारिश ने लोगों के जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। ऐसे में ठंडी शुष्क हवाओं का होठों पर भी सीधा प्रभाव पड़ता है। जिसकी वजह से होठों में जलन, घाव, चुभन की समस्या आम समय के मुकाबले कहीं बढ़ जाती है। दरअसल सर्दियों में अक्सर होंठों की नमी खो जाती है। शरीर के बाकी हिस्सों के मुकाबले हम होठों की त्वचा को ज्यादातर खुला छोड़ देते हैं। ऐसे में होठ हमेशा मौसम की मार सबसे ज्यादा झेलते हैं।

होठों की त्वचा में नहीं होती तैलीय ग्रन्थियां

इस बारे में सौंदर्य विशेषज्ञ शहनाज हुसैन बताती हैं कि होठों की त्वचा चेहरे की त्वचा से ज्यादा पतली, कोमल और नाजुक होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि हमारे होठों की त्वचा चेहरे की त्वचा से दस गुणा तेजी से शुष्क होती है। होठों की त्वचा में शरीर के बाकी हिस्सों के मुकाबले तैलीय ग्रन्थियां भी विद्यमान नहीं होती। हमारे चेहरे की त्वचा में सोलह जीवकोशिए परतें होती हैं जबकि हमारे होठों में औसतन तीन-पांच जीवकोशिए परतें विद्यमान होती हैं। जिसकी वजह से होठों पर मौसम की सबसे ज्यादा मार पड़ती है।

कब हो सकती है होठों के फटने की समस्या

होठों के फटने की समस्या साल भर देखने में आती है लेकिन सर्दियों के मौसम में बर्फीली हवाओं के अलावा घर में हीटर, गर्मी पैदा करने वाले उपकरणों, सेंट्रल हीटिंग आदि की वजह से वातावरण में नमी में कमी आने की वजह से यह कहीं ज्यादा गंभीर हो जाती है। इस मौसम में होठों का फटना आम हो जाता है। मौसम के अलावा अगर आप शुगर, ब्लड प्रेशर आदि रोगों से पीड़ित हैं तो भी होठों के फटने की समस्या से दो चार हो सकते हैं।
 
फटे होठों की समस्या से निजात के लिए अपनाएं घरेलू उपचार

सवाल यह है कि सर्दियों में इस समस्या से कैसे निपटा जाए। यदि किसी गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें अन्यथा घरेलू उपचार से फटे होठों की समस्या आसानी से काबू पा सकते हैं।

> मौसम कोई भी हो, होंठों को मुलायम और कोमल बनाये रखने के लिए आप दिन में आठ से दस गिलास शुद्ध ताजा पानी पीयें ताकि शरीर की नमी बरकरार रखी जा सके। इससे होठों के फटने की समस्या से प्राकृतिक तौर पर निपटा जा सके।

> रात को सोने से पहले होठों पर शुद्ध आर्गेनिक शहद लगाकर सुबह ताजा सामान्य पानी से धो डालें। गुलाब जल और ग्लिसरीन को बराबर मात्रा में मिलाकर बने मिश्रण को रात को होठों पर लगाकर सुबह पानी से धो डालें। इससे होठ कोमल और मुलायम बने रहेंगे।

> सर्दियों में होठों को नियमित रूप से स्क्रब करना बहुत जरूरी माना जाता है क्योंकि होठों की मृत कोशिकाओं को भी फटे होठों का कारण माना जाता है। इसके लिए शहद और चीनी का स्क्रब उपयोग करें। 

> गाय का घी गर्म करके इसे ऊंगली पर लगाकर होठों की हल्की मसाज कीजिये। इससे होठों पर रक्त संचार बढ़ेगा और होंठ मुलायम बनेंगे।

> नारियल तेल, ऑर्गन तेल पर आधारित होठों के वाम तथा लिपस्टिक के प्रयोग से होठों को फटने से बचाया जा सकता है। ध्यान रखें कि ऑइंटमेंट आधारित लिप बाम का प्रयोग करें जिसमें ग्लिसरीन, पेट्रोलियम जेली, सुगन्धित तेल शामिल हों ताकि मॉइस्चर को रोका जा सके। हमेशा कपूर, युकलिप्टुस या मेंथोल आधारित लिप बाम से परहेज करें क्योंकि इससे आपको होठ ज्यादा शुष्क हो सकते हैं। 

> इस मौसम में होठों पर प्राकृतिक रंग, डाई या मोम से पालिश उत्पादों से परहेज करें अन्यथा आपको एलर्जी या जलन महसूस हो सकती है।

> होठों पर साबुन या पाउडर के प्रयोग से परहेज कीजिए तथा होठों पर विटामिन ई युक्त लिप बाम का उपयोग कीजिए। होठों पर बादाम तेल या क्रीम लगाकर इसे रात्रि में लगा रहने दें। लिपस्टिक को क्लींजिंग क्रीम या जैल से हटाइए।

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