एड़ियों के फटने का पहले जानें कारण, फिर अपनाएं ये घरेलू नुस्खे
बहुत लोगों को एंड़ी फटने की शिकायत होती है। विशेषकर ठंड के मौसम में जब पछुवा हवा चलने लगती है, तो पैर असह्य दर्द भी देने लगते हैं। कई बार उनसे खून आने की भी शिकायत हो जाती है और लोगों का पैदल चलना मुश्किल हो जाता है। इस पर एक कहावत भी बड़ी प्रसिद्ध है “सूखे सिहुला, दुखे दिनाय, कर्म फूटे त पाटे बेवाय” अर्थात सिहुला सूख का पर्याय, दाद दुख का और कर्म खराब होने पर एड़ी फटती है। एड़ी के फटने के कई कारण हो सकते हैं। वजन का ज्यादा होना, खून की गड़बड़ी, त्वचा का ड्राई होना। सबसे पहले इसको देखना जरूरी है कि एड़ियां फटने का कारण क्या है?
डाइबिटीज के मरीजों को ज्यादा होने की संभावना
इस संबंध में बीएचयू के पंचकर्म विभाग के विभागाध्यक्ष डाक्टर जेपी सिंह का कहना है कि यह डाइबिटीज के मरीजों को ज्यादा होने की संभावना रहती है। इसके अलावा थायराइड भी इसका कारण हो सकता है। विटामिन आदि की कमी अथवा पानी उपयुक्त न पीना, पैरों के रख-रखाव में कभी इसके कारण हो सकते हैं।
केले को फटी एड़ियों में लगाएं
आयुर्वेदाचार्य डाक्टर जेपी सिंह ने बताया कि इसके घरेलु उपचारों में केले को अपनी फटी एड़ियों में लगाकर उसे 15 मिनट बाद धो लें। इसके इस्तेमाल से भी आराम मिलेगा। इसके अलावा पानी गर्म करने के बाद उसमें सोडियम तथा वेसिलिन मिलाकर एक घंटा तक उसमें पैरों को डुबोकर रखें। उसके बाद एड़ियों की सफाई कर उसमें क्रीम लगाकर सोएं।
सरसों का तेल गर्म कर फटी एड़ियों पर लगाने से मिलती है राहत
उन्होंने बताया कि सरसों का तेल गर्म कर फटी एड़ियों पर लगाने से भी जल्द राहत मिलता है। इसके अलावा ग्लिसरीन और गुलाब जल मिलाकर लगाना, मृत त्वचा की स्थिति में चावल का आटा, शहद और सेब के सिरके का पेस्ट बनाकर एड़ियों में लगाने पर लाभ मिलता है।
उन्होंने बताया कि इसके लिए मोम और सरसों का तेल भी काफी फायदा पहुंचाता है। 50 मि.ली. सरसों के तेल को गर्म करके उसमें 25 ग्राम मोम मिला दें। जब मोम पूरी तरह घुलकर जाए, तो बर्तन को ठंड़ा होने दें। थोड़ा गुनगुना रहने पर इसमें पांच ग्राम कपूर मिलाकर मलहम तैयार कर लें और रात में सोने से पहले इसे लगायें। इससे आपको तुरंत राहत मिलेगा।
नीम की पत्ती का पेस्ट हल्दी के साथ मिलाकर लगाएं
नीम की पत्ती का पेस्ट भी हल्दी के साथ मिलाकर आधे घंटे तक लगाकर छोड़ दें और उसके बाद पैरों को गर्म पानी से धो लें। यह भी कारगर दवा की तरह काम करता है। उन्होंने कहा कि इसके लिए यह भी जरूरी है कि बदलते मौसम में हर कोई एड़ियों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दे। बाहर निकलते समय साफ मोजे का इस्तेमाल करें।
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