आहार में रेशेयुक्त पदार्थ (फाइबर) को करें शामिल, स्वास्थ्य के लिए है लाभदायक
दैनिक जीवन में रेशेदार खाद्य पदार्थों का सेवन करना बहुत लाभकारी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. सौम्या तिवारी बताती हैं कि फाइबर, पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक है साथ ही यह कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को भी नियंत्रित रखता है। यही कारण है कि फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन जरूरी माना जाता है।
फाइबर की कमी से हो सकती हैं ये बीमारियां
फाइबर की कमी से शरीर में कई तरह के रोग हो जाते हैं। पाचन संबंधी विकार, मधुमेह इत्यादि फाइबर की आवश्यक मात्रा से कम सेवन करने के कारण होते हैं। रेशेयुक्त खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना बढ़ते वजन का भी कारण होता है। उल्लेखनीय है कि महिलाओं को रोजाना 25 ग्राम और पुरुषों को 38 ग्राम फाइबर का सेवन करना चाहिए।
इन भोज्य पदार्थों से मिलता है फाइबर
अलसी, बादाम, अनार, सूखा अंजीर, गेहूं का चोकर, बाजरा, राई का आटा, राजमा, दाल, गाजर और चुकंदर में प्रचुर मात्रा में फाइबर होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे अपने दैनिक आहार में शामिल करने को कहते हैं। फाइबर की मात्रा अपने आहार में बढ़ाने से पहले यह ध्यान रखना चाहिए कि शरीर में पानी की कमी न हो। फाइबर पानी को खींचता है, जिससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है। इसलिए रेशेयुक्त भोजन का सेवन करने के साथ ही पानी की मात्रा बढ़ाना आवश्यक होता है।
आखिर क्या है फाइबर
फाइबर कार्बोहाइड्रेट का एक ऐसा प्रकार है, जो प्रायः पौधों की पत्तियों, तने और जड़ों में पाया जाता है। इसके अलावा चोकर, साबुत अनाजों और बींस प्रजाति की सब्जियों में भी फाइबर मौजूद होता है। मूलतः फाइबर दो प्रकार के होते हैं, जो शरीर के लिए अलग तरह से काम करते हैं। पहले तरह का अघुलनशील फाइबर चोकर, मूंगफली, सूखे मेवों और पत्तेदार हरी सब्जियों में पाया जाता है। इसकी बनावट मोटी और खुरदरी होती, इसलिए यह पानी में नहीं घुल पाता और पाचन क्रिया के अंत तक साबुत रहता है। यह उत्सर्जन प्रक्रिया द्वारा शरीर से बाहर निकल जाता। वहीं घुलनशील फाइबर कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम करता है। हृदय रोग से बचाव करता है और रक्त में शर्करा की मात्रा को भी नियंत्रित रखता है। दलिया, जौ, मटर, सेम, मसूर, बीज, नींबू के फल और सेब में घुलनशील फाइबर पाया जाता है।

Comments
Post a Comment